what about getting my blog mailed?

Thursday, June 23, 2016

शोला था जल बुझा हूँ, हवाये मुझे न दो!

Just no words.. | mehandi hasan sahab|. Take a bow..

1 comment:

  1. कब मुझ को ऐतेराफ़-ए-मुहब्बत न था फ़राज़
    कब मैं ने ये कहा था सज़ायें मुझे न दो

    ReplyDelete